मेरे अपने घर के भी सौ दर्द— मेरी राह देखते हैं।
अजीब मुक़ाम से गुजरा है क़ाफ़िला ज़िंदगी का ,
साफ़ दिल वालों को ही भुला दिया जाता है…
किसी पे ऐसा भी वक़्त आए, कभी ख़ुदा ना करे,
यु न खिल खिल के हँसा कर उदास लोगो पे ऐ दोस्त,
पर किसी के सामने टूटने की हिम्मत नहीं होती।
निगाहों में अभी तक कोई चेहरा ही नही आया,
क्योंकि फूलो पर कभी इत्र नही लगाया जाता…!
अल्फाजो में क्या बयां करे अपनी मोहब्बत के अफसाने,
जिन्दगी के हर सफर में हमसफ़र नहीं होते..!
लड़के दर्द दिल में दबाकर जीते रहते हैं।
हम भी अब खुद को छोड़कर किसी Sad Shayari in Hindi को पसंद नहीं करते।
जिसने अपना समझा उस पर विश्वास ना किया।
वरना कुछ पल का साथ तो जनाजा उठाने वाले भी देते है…!